Coding Kya Hai, Coding kaise sikhe और शुरू कैसे करें?

आज हम जानेंगे के Coding kya hai, coding kaise sikhe, कोडिंग मे करियर कैसे बनाएं, आदि. चलिए देखते है Coding kya hai.

Table of contents

कोडिंग क्या है । Coding Kya Hai

हम कंप्यूटर और मोबाइल मे जो वेबसाइट या apps देखते है उनको किसी कंप्यूटर भाषा मे लिखा गया होता है इन कंप्यूटर भाषा को लिखने के प्रोसेस को कोडिंग कहते है जैसे कुछ भि लिखने को राइटिंग कहते है वैसे हि कोडe लिखने को कोडिंग कहते है.

आमतौर पर कोडिंग को प्रोग्रामिंग भि कहते है, किसी भि सॉफ्टवेर को लोगों तक पहुचाने से पहले उसकी कोडिंग करी जाती है. जैसे हम अपनी भाषा समजते है वैसे हि कंप्यूटर सॉफ्टवेर और हार्डवेयर कोडिंग कि भाषा हि समजते है, हमारी आम भाषा नहीं समजते.

बिना कोडिंग के वेबसाइट या app को समझाया नहीं जासकता है के उन्हें क्या काम करना है, कैसे करना है कितना करना है आदि. आसान भाषा मे इसीको कोडिंग कहते है.

हमें वेबसाइट या सॉफ्टवेर के कोड नहीं दिखते कियोंकि ये backend है मतलब कोडिंग करने के बाद कोडिंग दिखती नहीं है,

अगर किसी वेबसाइट कि कोडिंग देखना है तो कंप्यूटर पर जाये वेबसाइट खोलें करे और ‘Ctrl+U’ टाइप करें यहा आपको पेज कि कोडिंग दिख जाएगी.

कोडिंग सिर्फ एक प्रोफेशनल हि करसकता है कोई भि बिना प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कि जानकारी के कोडिंग नहीं करसकता है, कॉमन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है जैसे C, C++, जावा, पाइथन, आदि. इनको इस्तेमाल करके जो instruction लिखता है उसे coder कहते है और लिखने के प्रोसेस को कोडिंग कहते है.

Programming एक बड़े प्रोसेस का नाम है जिसमे कोडिंग भि अति है यानि कोडिंग, प्रोग्रामिंग का हि एक हिस्सा है. अब आपको पता चलगया होगा के coding kya hai, प्रोग्रामिंग क्या है. कौनसी लैंग्वेज अच्छी है, कोडिंग कैसे सीखे, क्या फायदें है, एक coder को कितनी सैलरी मिलती है इन सारे सवालों का जवाब निचे जानें..

कोडिंग का इस्तेमाल कहा होता है । Uses of Coding in Hindi

कोडिंग बहुत सारे लैंग्वेज मे करते है अलग अलग चीजों के लिए अलग अलग लैंग्वेज कि ज़रूरत होती है, जैसे फ्रंट-एंड डेवलपर अकसर एचटीएमएल, सीएसएस, और जावास्क्रिप्ट कोड का इस्तेमाल करते है वेबसाइट लेआउट बनाने के लिए.

बेक-एंड डेवलपर अक्सर जावा, पाइथन, एसकुएल लैंग्वेज का इस्तेमाल करते है. इसी तरहा कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, सेल फोन और ऐप्प बनाने के लिए दूसरी लैंग्वेज का इस्तेमाल होता है.

  • HTML – वेबपेज का स्ट्रक्चर तैयार करने के लिए इसका इस्तेमाल होता है जैसे लिंक, पैराग्राफ, टेबल.
  • C – ऑपरेटिंग सिस्टम और डेटाबेस डेवेलोप करने के लिए इस्तेमाल होता है.
  • Python – सॉफ्टवेयर प्रोग्राम, वेबसाइट बनाने और डाटा अनालिस के लिए इस्तेमाल होता है.
  • C++ – गेमस को बनाने और डेवेलोप करने के लिए इस्तेमाल किया जता है.
  • JavaScript – फ्रंट-एंड और बेक-एंड डेवलपमेंट मे और वेबपेजेज बनाने मे इस्तेमाल किया जाता है.
  • C# – वेब सर्विसेज डेस्कटॉप के एप्लीकेशन बनाने के लिए इस्तेमाल होता है.
  • Objective-C – एप्पल प्रोडक्ट के लिए सॉफ्टवेयर लिखेने के लिए इस्तेमाल किया जता है.
  • PHP – अच्छे वेबपेजेस बनाने और डेटाबेस मैनेज करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
  • SWIFT – ऐप्प बनाने के लिए ज़यादातर ऐप्प प्लेटफार्म के.

सबसे जियादा इस्तेमाल की जाने वाली कोडिंग भाषाएँ। Common Coding languages

HTML

इसका फुल फॉर्म है ‘Hypertext Markup Language’, एचटीएमएल को ज़यादातर वेबसाइट डेवेलोप करने के लिए इस्तेमाल किया जता है. इसकी वजह से इंटरनेट ब्राउज़र को पता चलता है के वेबसाइट लोगों को कैसी दिखनी चहिये, इसे 1990 मे ‘Tim Berners-Lee’ ने बनाया था.

CSS

इसका फुलफॉर्म है ‘casecading style sheets’, इस कोडिंग लैंग्वेज को वेबसाइट के स्टाइल को बनाने मे यूस किया जाता है, यानि सीएसएस कि मदद से इंटरनेट ब्राउज़र को पेज का लेआउट, फॉन्ट साइज़, बैकग्राउंड कलर, आदि, का पता चलता है.  इस लैंग्वेज को 1994 मे ‘Hakon Wium Lie’ ने डेवेलोप किया था.

JAVA

ये एक ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड कोडिंग लैंग्वेज है, जिसे ‘सन माइक्रोसिस्टम’ ने 1995 मे बनाया था, जावा को मोबाइल ऐप्प, विडियो गेम प्रोग्रामिंग करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है और ख़ासकरके एंड्राइड ऑपरेटिंग सिस्टम मे.

Python

पाइथन भि एक पोपुलर कोडिंग लैंग्वेज है जिसे 1991 मे ‘गुइदो वन रोस्सुम’ ने डेवेलोप किया था, इसमें इंग्लिश कि तरह सिंपल सिंटेक्स है, जिसका इस्तेमाल एप्लीकेशन, यूजर इंटरफ़ेस, ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए होता है.

C language

ये एक लो-लेवल कोडिंग लैंग्वेज है जिसकी शुरुवात 1972 मे ‘बेल लैब’ ने कि थी. इसके 32 बेसिक कीवर्ड है सबसे आसान लैंग्वेज है, इसका इस्तेमाल बहुत जगह किया जाता है जैसे AI, नेटवर्क ड्राईवर.

PHP

फुलफॉर्म है ‘हाइपरटेक्स्ट प्रोसेसर’, पीएचपी का इस्तेमाल एचटीएमएल के साथ डायनामिक वेबिस्ते बनाने के लिए किया जता है, जैसे वर्डप्रेस जोकि ऑनलाइन प्लेटफार्म है इसके 20% वेबसाइट या ब्लॉग पीएचपी मे लिखे हुए है. इसे 1994 मे ‘रासमुस लेरदोर्फ़’ ने बनाया है.  

C++

ये भि एक ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है, जो सी लैंग्वेज को बढाती है हाई-लेवल टास्क करने के लिए. सी++ का इस्तेमाल बड़े प्रोग्राम जैसे अडोब, अमेज़न, मोजिल्ला और माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस जैसे सॉफ्टवेयर मे फास्ट प्रोफेस्सिंग कि वजह से किया जाता है, इस लैंग्वेज को 1983 मे ‘Bjarne Strostrup’ ने बने अता.

कोडिंग और प्रोग्रामिंग में अंतर । Coding vs Programming in Hindi

कोडिंग क्या है

सिंपल भाषा मे कहें तो कोडिंग यानि ‘सेट ऑफ़ इंस्ट्रक्शन’ जिसमे कोड लिखर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को क्या टास्क करना है ये बताया जाता है, काडर इंसानी भाषा को मशीन को समजमे अये आयसी भाषा मे कन्वर्ट करता है, इस कोड लिखने के प्रोसेस को कोडिंग कहते है लेकिन प्रोग्रामिंग एक बड़ा वर्ड है जिसमे पूरा एप्लीकेशन बनानेका काम अता है,

जैसे अगर किसी को प्रोग्रामिंग का काम मिलता है तो उसे बहुत सारे काम करने होते है जैसे टेस्टिंग, देबुगिंग और कोडिंग. कोडिंग यानि मशीन के कोड को लिखना जो भि कोड को लिख्सकता है वो कोडर है और कोडिंग के साथ बाकि के टास्क भि करने वाले को प्रोग्रामर कहते है.

टेक्नोलॉजी और कोडिंग लैंग्वेज । Technology and Programming Languages in Hindi

Programming LanguageTechnology
सी, सी++, असेंबलीएम्बेडेड सिस्टमस
एचटीएमएल, सीएसएस, जेक्वेरी, जावास्क्रिप्टवेब डिजाइनिंग
स्विफ्ट, कोटलीं, जावा, सी#मोबाइल ऐप्प
पाइथन, जावा इ, देलपी, सी++, विसुअल बेसिक.नेटडेस्कटॉप
पीएचपी, डीजंगो, जावा जी, एएसपी.नेटवेब डेवलपमेंट

कोडिंग कैसे सीखे । Coding Kaise Sikhe

Coding kya hai

1. वेबसाइट के ज़रिये कोडिंग सीखे

  • geeksforgeeks.org
  • codecademy.com
  • Javatpoint.com
  • sololearn.com
  • Codewars.com
  • w3schools.com
  • edx.org
  • Udacity.com
  • Learnvern.com
  • Tutorialspoint.com.

2. यूटूब से कोडिंग सीखे

  • LearnCode.academy
  • CodeWithHarry
  • MySirG
  • Thenewboston
  • ApniKaksha
  • Telusko
  • Dev Ed
  • Treehouse
  • ProgrammingKnowledge
  • FreeCodeCamp.org

३. Offline Institute से कोडिंग सीखें

ऑनलाइन के अलावा आप ऑफलाइन भि कोडिंग सीखसकते है किसी इंस्टिट्यूट से इसके लिए आप गूगल पर सर्च करके देखसकते है. अगर आपके कॉलेज मे या यूनिवर्सिटी मे प्रोग्रामिंग से जुदा कोई कोर्स है तो इसे जोइन करसकते है.

कोडिंग सीखने के लिए टॉप National Universities?

  • आईआईटी मद्रास
  • वेल्लोर इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी
  • आईआईआईटी हैदराबाद
  • देल्ही टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी
  • NIMS University
  • NIELIT Imphal
  • इंडस यूनिवर्सिटी
  • बीएचयू वाराणसी
  • धीरुभाई अम्बानी इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफार्मेशन एंड कम्युनिकेशन
  • नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी तिरुचिराप्पल्ली
  • आईआईआईटी देल्ही
  • आईआईटी अलाहबाद
  • दा एलएनएम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी
  • थापर इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग & टेक्नोलॉजी
  • आईआईटी खरगपुर
  • IISC Bangalore
  • आईआईटी बॉम्बे.

Top International Universities

  • Duke University
  • यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया
  • कैंब्रिज यूनिवर्सिटी
  • पेकिंग यूनिवर्सिटी
  • कर्नेल यूनिवर्सिटी
  • हार्वर्ड यूनिवर्सिटी
  • Massachusetts Institute of Technology.

कोडिंग सीखने मे कितना खर्चा होता है?

अगर आप ऑनलाइन वेबसाइट या यूटूब से सीखते है तो फ्री मे सीखसकते है लेकिन ऑनलाइन पेड कोर्स भि ले सकते है ये महेंगे नहीं होते है, ऑफलाइन मे हर इंस्टिट्यूट मे खर्चा अलग अलग होता है, कोर्स के कितनी फीस होगी ये लैंग्वेज और आप कौनसा लेवल सीखना छाते है इसपर डिपेंड होता है जैसे बेसिक, एडवांस.

कोडिंग कोर्स कितने साल का होता है?

कोडिंग सीखने मे आपको कितना समय लगेगा ये कोई नहीं बता सकते है ये तो आप कौनसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखरहे है और कितनी मेहनत कररहे है इसपर डिपेंड है लेकिन एवरेज टाइम चार से छे महीनों का होता है.

कोडर को कितनी सैलरी मिलती है?

कोडिंग सीखने के बाद आप कितने पैसे कमायेगे ये आपके कोडिंग स्किल पर डिपेंड है जितने अच्छे से कोडिंग करेंगे और क्रिएटिव प्रॉब्लम के सलूशन खोजेंगे तो आपकी कमाई बहुत अच्छी होगी. जब आप एक बिगिनर होते है या इंटर्नशिप करते है तो आपकी सैलरी कम होती है और जब आप एक्सपर्ट बनाते है तो सैलरी भि अच्छी मिलती है लाखों का पैसा कमा सकते है.

कोडिंग क्यूँ सीखनी चाहिए । Why Should I learn Coding in Hindi

कोडिंग क्या है और कैसे सीखे (Coding kya hai)

कोडिंग एक आयसी स्किल है जिसके कई फायदे है:

  • कोडिंग क्रिएटिव समस्या को हल करने की अनुमति देता है क्योंकि इसके लिए टेक्निकल और लॉजिकल सोच दोनों की आवश्यकता होती है.
  • कोडिंग का उपयोग कई थकाऊ कार्यों को ऑटोमेट करने के लिए किया जा सकता है, जिससे काम तेज और जियादा अच्छे सेहो जाता है.
  • सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन बनाने कि सक्षम पैदा होती है और कंप्यूटर सिस्टम को अच्छे से समजसकते है.
  • कठिन समस्याओं का समाधान निकालने में सक्षम.
  • कोडिंग सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग से लेकर वेब डेवलपमेंट और डेटा साइंस तक करियर के जियादा अवसर प्रदान करता है.
  • अलग अलग इंडस्ट्री में काम करने का अवसर, और पर्सनल ग्रोथ और विकास की गुंजाइश होती है.
  • जिन लोगों ने सफलतापूर्वक कोडिंग में महारत हासिल कर ली है, वे रोजगार में उच्च वेतन, अधिक सुरक्षित नौकरी और दूर से काम करने की क्षमता जैसे फायदों का आनंद लेने की उम्मीद कर सकते हैं.
  • क्रिएटिव सलूशन को धुंडने का अवसर और एक ठोस प्रभाव बनाने का अवसर.

कोडिंग लैंग्वेज इस्तेमाल करने वाले Organizations?

कोडिंग लैंग्वेजेज को सभी इंडस्ट्री के आर्गेनाइजेशन द्वारा इस्तेमाल किया जाता है, कोडिंग भाषाएं सभी आकार के संगठनों में तेजी से लोकप्रिय हो गई हैं.

रीसेंट स्टडी के अनुसार, कोडिंग भाषाओं का उपयोग करने वाले टॉप 10 संगठनों में Google, Microsoft, Apple, Amazon, Facebook, Oracle, IBM, SAP, Salesforce और Adobe शामिल हैं. ये सभी जावा, पायथन और सी++ जैसी कोडिंग भाषाओं का उपयोग करते हैं, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) जैसे इंस्टिट्यूट भी विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए कोडिंग भाषाओं का उपयोग करते हैं.

इनमें से अधिकांश संगठन सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, वेब डेवलपमेंट, मोबाइल ऐप डेवलपमेंट और टेक्नोलॉजी-ड्रिवेन सेवाओं के अन्य पहलुओं के लिए कोडिंग भाषाओं का उपयोग करते हैं.

इनमें से कई कंपनियों ने कोडिंग भाषाओं को इनोवेशन, नये प्रोडक्ट बनाने के लिए और आयसी सेवाओं के लिए जिससे कोडिंग भाषाओं का इस्तेमाल करके कुछ बिलकुल नया तैयार करसके इसके लिए इस्तेमाल करते है.

इसके अतिरिक्त, कई छोटे संगठन जैसे स्टार्टअप, रिसर्च ग्रुप और एजुकेशनल इंस्टिट्यूट हैं जो विभिन्न परियोजनाओं के लिए कोडिंग भाषाओं का भारी उपयोग कर रहे हैं.

सबसे आसान और मुश्किल कोडिंग भाषा?

सबसे कठिन प्रोग्रामिंग भाषाओं में C++ और Rust हैं, जबकि सबसे आसान HTML और Python हैं. सी++ और रस्ट दोनों के लिए दीप नॉलेज और अनुभव की आवश्यकता होती है, जबकि ‘एचटीएमएल’ और ‘पाइथन’ को सीखना आसान है जो उन्हें बिगिनर लोगों के लिए एकदम सही बनाता है,

सबसे कठिन प्रोग्रामिंग भाषा को आमतौर पर सी ++ माना जाता है, जिसके लिए पॉइंटर्स, मेमोरी मैनेजमेंट आदि जैसे एडवांस कांसेप्ट के ज्ञान की ज़रूरत होती है, सबसे आसान प्रोग्रामिंग भाषा पाइथन है, जिसे सीखना आसान है और इसमें उपयोगी लाइब्रेरियां है, एक टीचर या मेंटर के मार्गदर्शन से कोडिंग में रुचि रखने वाले जल्दी कोडिंग सीख सकते है.

क्या कोडिंग करियर में स्कोप है?

चल्लेंजिंग करियर की तलाश करने वालों के लिए प्रोग्रामर बनना एक लोकप्रिय विकल्प है, प्रोग्रामिंग क्षेत्र में आने के लिए कई रास्ते हैं, हर एक के अपने फायदे है, प्रोग्रामिंग क्षेत्र में लोकप्रिय नौकरियों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर, वेब डेवलपर, डेटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर और सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट शामिल हैं।

इन भूमिकाओं में से किसी एक में सफलतापूर्वक स्थान हासिल करने के लिए, कोडिंग, की पूरी समझ होना आवश्यक है. प्रोग्रामर बनना एक बेहतरीन करियर विकल्प है।

यह बहुत डिमांड वाली नौकरी है जो लगातार विकसित हो रही है और अत्याधुनिक तकनीक के साथ काम करने का अवसर प्रदान करती है,

एक प्रोग्रामर बनने के लिए आपको विभिन्न प्रोग्रामिंग भाषाओं की अच्छी समझ के साथ-साथ गणित, लॉजिक और प्रॉब्लम-सोलविंग का ज्ञान होना ज़रूरी है, इसके अतिरिक्त, नौकरी में सफल होने के लिए आवश्यक स्किल विकसित करना महत्वपूर्ण है, जैसे मजबूत कम्युनिकेशन, टाइम मैनेजमेंट और आर्गेनाइजेशन और डिजाइन फंडामेंटल.

कोडिंग सीखने के बाद जॉब्स?

प्रोग्रामिंग क्षेत्र एक विशाल और तेजी से विस्तार करने वाला क्षेत्र है, जिसमें विभिन्न प्रकार के संभावित करियर के तरीके हैं। प्रोग्रामिंग की दुनिया में लोकप्रिय नौकरियों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर, वेब डेवलपर, मोबाइल ऐप डेवलपर और डेटा वैज्ञानिक शामिल हैं।

सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को एक कंप्यूटर प्रोग्राम के कोर फ्रेमवर्क बनाने का काम सौंपा जाता है, जैसे कि इंटरफ़ेस और यूज़र एक्सपीरियंस. वेब डेवलपर्स इंटरनेट पर वेबसाइटों और एप्लिकेशन के निर्माण और कोडिंग के लिए जिम्मेदार होते हैं. कोडिंग जॉबस कि लिस्ट:

  • सॉफ्टवेयर डेवलपर
  • कंप्यूटर प्रोग्रामर
  • वेब डिज़ाइनर
  • साइबर सिक्यूरिटी इंजीनियर
  • वेब डेवलपर
  • आईटी मेनेजर
  • फ्रंट एंड डेवलपर
  • बेक एंड डेवलपर
  • कंप्यूटर रिसर्च एनालिस्ट
  • डाटा साइंटिस्ट
  • फुल स्टैक डेवलपर
  • यूएक्स रिसचेर
  • प्रोडक्ट मेनेजर
  • मोबाइल एप्लीकेशन डेवलपर
  • यूआई डिज़ाइनर
  • कंप्यूटर सिस्टम इंजीनियर
  • कंप्यूटर सपोर्ट स्पेशलिस्ट
  • कंप्यूटर सिस्टम्स एनालिस्ट
  • नेटवर्क सिस्टम्स एडमिनिस्ट्रेटर.

मोबाइल से कोडिंग कैसे सीखे । How to learn Coding from Mobile in Hindi

मोबाइल से कोडिंग सीखने के लिए आपको कोडिंग apps डाउनलोड करना होगा या ऑनलाइन प्लेटफार्म join कर सकते है जो कोडिंग कोर्सेज देते है. आप ऑनलाइन वेबसाइट से भी सीख सकते है और यूटूब से भी वीडियोस देखकर कोडिंग करना शुरू कर सकते है.

फ्री में कोडिंग कैसे सीखे । How to learn Coding Free in Hindi

फ्री में कोडिंग सीखने के लिए बहुत सारे रास्ते है जैसे जैसे, कोडिंग वेबसाइट, कोडिंग forums, ऑनलाइन कोडिंग कोर्सेज और यूटूब tutorials. वेबसाइट जैसे Codecademy, Freecodecamp और Khan Academy से कोडिंग फ्री में सीख सकते है. कोडिंग skills को प्रैक्टिस करने के लिए आप GitHub को इस्तेमाल कर सकते है.

कोडिंग कोर्स क्या होता है । Coding course in Hindi

कोडिंग कोर्स सीखने के लिए बनाया जाता है, ये कोर्सेज educational institutions दुआरा या learning platforms या किसी टीचर के दुआरा बनाया जाता है. कोडिंग कोर्सेज में अक्सर अलग अलग programming languages, सॉफ्टवेर डेवलपमेंट के concepts, algorithms और प्रैक्टिकल कोडिंग अनुभव होता है.

शुरुआती लोग कोडिंग कैसे सीखें?

Beginners कोडिंग की शुरुआत करने के लिए इन steps को follow करें:

  1. एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज चुने.
  2. उससे जुड़े ऑनलाइन tutorials और कोर्सेज को ढुडें से सीखें.
  3. हर रोज़ प्रैक्टिस करें, कोड लिखे और prblems solve करें.
  4. कोडिंग कम्युनिटीज को join कर सकते है.
  5. अपने सीखें हुए नॉलेज से छोटे projects build करें और प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस हासिल करें.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कोडिंग के लिए कौनसा लैपटॉप लें?

कोडिंग सीखने के लिए आपके पास कम से कम i3 प्रोसेसर का लैपटॉप होना चाहिए, 2जीबी, 4जीबी या 8जीबी रेम कोई भि लेसकते है. अच्छे से सीखने के लिए एक मीडियम रेंज के रेम और प्रोसेसर होना चाहिए.

कितने कोडिंग लैंग्वेज है?

TIOBE Index के मुताबिक 274 डिफाइन कोडिंग लैंग्वेजेस है. ये लिस्ट लैंग्वेज के फंक्शन और नोताबिलिटी के आधार पर है, कोई भि प्रोग्रामिंग लैंग्वेज बनासकता है इसलिए हज़ारों लैंग्वेजेज होंगे लेकिन अभि जियादा काम मे नहीं अये होंगे.

Coding kya hai या What is coding in hindi?

अगर आप कंप्यूटर सॉफ्टवेयर या वेबसाइट को बनाने के लिए कोई प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखने के बाद उसे लिखते है तो आपको कोडर कहते है और आप जो कोड लिखरहे है इस प्रोसेस को कोडिंग कहते है.

गूगल, फेसबुक जैसी वेबसाइट बनाने के लिए कौनसी लैंग्वेज सीखे?

गूगल के लिए सी, सी++, जावा, पाइथन, गो, नोड. फेसबुक के लिए पीएचपी, हैक, जावा, एरलंग, डी, सी++, एक्सएचपी, हसकल. माइक्रोसॉफ्ट के लिए सी और जावा लैंग्वेज इन सभ का इन वेबसाइट पर इस्तेमाल किया गया है.

स्टूडेंट कोडिंग कब सीख सकते है?

नयी एजुकेशन सिस्टम के अनुसार स्टूडेंट को 6th स्टैण्डर्ड से सिखाया जायेगा. सिखाया जाये तो अच्छी बात है अगर नहीं सिखाया गया तो ऑनलाइन और ऑफलाइन बहुत सारे रास्ते है सीखने के.

कोडिंग कैसे काम करता है?

कंप्यूटर को क्या करना है ये बताने के लिए प्रोग्रामर भाषा का इस्तेमाल करते है, यह भाषा जिसे आमतौर पर सोर्स कोड के रूप में जाना जाता है, निर्देशों से बनी होती है जिसे कंप्यूटर समझ सकता है और कुछ टास्क को करने के लिए इस्तेमाल कर सकता है.

कोडिंग कंप्यूटर भाषा को कहते है जिसका उपयोग कंप्यूटर को निर्देश देने के लिए किया जाता है, यह एक ऐसी भाषा में निर्देश लिखने की प्रक्रिया है जिसे कंप्यूटर समझ सकता है, कोड एक स्पेसिफिक syntax में लिखा गया है.

जो यह बताता है कि इसकी व्याख्या कैसे की जाती है, कोड की प्रत्येक पंक्ति एक निर्देश के रूप में व्यक्त की जाती है और इसमें वेरिएबल, लॉजिक और अन्य प्रकार के कमांड होते हैं.

निष्कर्ष

आज हमने जाना के coding kya hai, what is coding in hindi, कोडिंग कैसे सीखे, कोडिंग के फायदें, आदि. आशा है आपको इस सवाल ‘Coding kya hai और coding kaise sikhe’ का जवाब मिलगया होगा.

कोडिंग क्या है और कोडिंग कैसे सीखे से जुड़ा कोई सवाल हो तो कमेंट करे और शेयर करें ताके दूसरों को भि पता चले के कोडिंग क्या है. हमारा ये आर्टिकल जिसमे ‘What is coding in hindi’ से जुडी बेसिक जानकारी बताई गयी है यहीं समाप्त होता है.

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