Step-by-Step Professor kaise bane Complete Guide

Assistant Professor kaise bane

क्या आप भारत मे कॉलेज या यूनिवर्सिटी मे प्रोफेसर बनकर पढ़ाना चाहते है? क्या आपको पढाई करना और पढ़ाना पसंद है और आपको प्रोफेसर कैसे बने से जुडी सारि जानकारी जानना चाहते है तो आप्सहीं जगह अये है, इस आर्टिकल को पूरा पढ़ने के बाद आपको अपने सारे सवालों के जवाब मिल जायेगा,

आज हम जानेंगे के Professor kaise bane, Govt Professor kaise bane, प्रोफेसर बनने के लिए कौनसा एग्जामदें, नौकरी कहा से करे? प्रोफेसर को सैलरी कितनी मिलती है, प्रोफेसर कितने प्रकार के होते है, प्रमोशन, आदि के बारेमे जानने केलिए आर्टिकल पूरा पढ़े, Assistant Professor kaise bane.

प्रोफेसर कैसे बने । Professor kaise bane

स्टेप 1: 12वीं की पढ़ाई पूरी करें

जीवन में कुछ बनने के लिए 12वीं की पढ़ाई करनी होती है, इसके बाद ही आप वह बन सकते हैं जो आप बनना चाहते हैं, जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर। इसलिए आपको 12वीं में अच्छे अंकों के साथ पास होना होगा ताकि आपको अच्छे कॉलेज में ग्रेजुएशन के लिए प्रवेश मिले।

12वीं की पढ़ाई उसी विषय में करें जिसमें आप आगे जाकर एडवांस स्टडी करके प्रोफेसर बनना चाहते हैं, चाहे वो साइंस स्ट्रीम हो, कॉमर्स हो या आर्ट्स हो। जैसे डॉक्टर बनने के लिए PCM सब्जेक्ट लेना जरूरी होता है, लेकिन प्रोफेसर बनने के लिए आप अपने पसंद के सब्जेक्ट को चुन सकते हैं।

स्टेप 2: ग्रेजुएशन पूरा करें

12वीं के बाद आपको ग्रेजुएशन करने के लिए प्रवेश लेना होगा, ग्रेजुएशन भी उसी सब्जेक्ट/स्ट्रीम से करें जिसमें आपका इंटरेस्ट है, प्रोफेसर बनने के लिए आपकी पढ़ाई एक ही स्ट्रीम में होनी चाहिए ताकि आप उस सब्जेक्ट में माहिर बनें, यह प्रोफेसर बनने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

ग्रेजुएशन को अच्छे अंकों से पूरा करें, प्रोफेसर बनने के लिए हर डिग्री में अच्छे अंक होने पर लाभ होता है, एडवांस स्टडीज का बेस ग्रेजुएशन कहा जाता है, ग्रेजुएशन के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन करना होगा।

स्टेप 3: पोस्ट ग्रेजुएशन

प्रोफेसर बनने के लिए 12वीं और ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन करना होगा, पोस्ट ग्रेजुएशन या मास्टर डिग्री में विषय को अपने इंटरेस्ट के आधार पर चुनें।

यहां पर विषय को गहरी तरह से पढ़ने की आवश्यकता है, क्योंकि प्रोफेसर बनने के लिए एक्जाम देना होता है जिसमें आपके विषय से सवाल पूछे जाते हैं और ये सवाल कठिन होते हैं, इसलिए आपको अच्छे से पढ़ाई करनी चाहिए।

पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा होने पर आप अपने विषय के विशेषज्ञ बन जाते हैं, आपका सपना प्रोफेसर बनने का है, इसलिए दूसरों को पढ़ाने से पहले आपको खुद को बहुत पढ़ाई करनी होगी, पोस्ट ग्रेजुएशन में कम से कम 55% मार्क्स होने चाहिए प्रोफेसर बनने के लिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 5% की छूट होती है।

स्टेप 4: प्रतिस्पर्धी परीक्षा दें

पोस्ट ग्रेजुएशन में कम से कम 55% मार्क्स लाने हैं ताकि आपको NET एग्जाम देने के लिए योग्यता हो, पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद आपको NET (नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट) या SLET (स्टेट लेवल एलिजिबिलिटी टेस्ट) के लिए आवेदन करना होगा, बिना इन परीक्षाओं को उत्तीर्ण किए प्रोफेसर नहीं बन सकते।

इन परीक्षाओं को अच्छे अंकों से पास करने के बाद आप कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं, या फिर M.Phil या Ph.D. कर सकते हैं। प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के बारे में विस्तार से बताया गया है।

स्टेप 5: Ph.D. या M.Phil करें

मास्टर डिग्री प्राप्त करने के बाद और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं को उत्तीर्ण करने के बाद आप एक असिस्टेंट प्रोफेसर बन जाते हैं, लेकिन प्रोफेसर बनने के लिए आपको Ph.D. करना आवश्यक है, अब नई दिशा निर्देश आई है कि विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर बनने के लिए बिना Ph.D. के नहीं हो सकता, अगर आप M.Phil करते हैं तो आपको नेट एग्जाम देना होगा और अगर आप Ph.D. करते हैं तो परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होती।

जिन उम्मीदवारों के पास Ph.D. होती है, उन्हें अधिक मान्यता मिलती है जब वे अन्य उम्मीदवारों के साथ मुकाबला करते हैं, अब आपको पता चल गया होगा कि असिस्टेंट प्रोफेसर कैसे बने, अब आपको और भी जरूरी चीजें जाननी है।”

ध्यान दें कि यह सिर्फ शैली, ग्रामर और वर्तनी मिस्टेक्स को सुधारकर दिया गया है और वाच्य तथा अन्य जानकारी वैसी ही रही है।

प्रोफेसर बनने के लिए एलिगिबिलिटी?

प्रोफेसर बनने के लिए आपको ये जानना ज़रूरी है कि ज़रूरी योग्यतायें कौनसी है चलिए जानते है,

  • प्रोफेसर बनने के लिए 12वीं मे अच्छे मार्कस के लाने होंगे और ग्रेजुएशन कम्पलीट करना होगा,
  • ग्रेजुएशन होने के बाद आपको पोस्ट ग्रेजुएशन करना ज़रूरी है,
  • प्रोफेसर बनने के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन मे कम से कम 55% मार्कस होने चाहिए,
  • आरक्षित वर्क के पोस्ट ग्रेजुएट कैंडिडेटस के लिए 50% मार्कस रखे गये है,
  • अगर कैंडिडेट कि आयु कि बात करे तो प्रोफेसर बनने के लिए कोई भि उम्र नहीं रखी गयी है,
  • प्रोफेसर बनने के लिए UGC NET या CSIR NET जैसे नेशनल लेवल exams को क्लियर करना होगा,
  • अगर आप यूनिवर्सिटी मे प्रोफेसर बनना चाहते है तो आपको पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद पीएचडी करना होगा कियोंकि पीएचडी के बिना यूनिवर्सिटी मे प्रोफेसर नहीं बनसकते, पीएचडी उसी फील्ड मे करनी होगी जिसमे आपको आगे जाकर पढ़ाना है.

प्रोफेसर बनने के लिए Competetive Exams?

प्रोफेसर कैसे बने पूरी जानकारी

प्रोफेसर बनने के लिए ये कुछ ज़रूरी कॉम्पेटेतिव एग्जाम है, इनमेसे कोई भि एक क्लियर करने के बाद आप प्रोफेसर बनसकते है, चलिए विस्तार से समजते के इन एग्जाम को देने कि योग्यतायें क्या है.

National Eligibility Test

  • नेट एग्जाम जिसे जियादातर ‘यूजीसी नेट‘ (UGC NET) के नाम से जाना जाता है, इस एग्जाम को एनटीए यानि ‘नेशनल टेस्टिंग एजेंसी’ दुअरा आयोजित किया जाता है.
  • इस एग्जाम को अप्लाई करने के लिए कैंडिडेट के पास मास्टर डिग्री होनी चाहिए किसी भि मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से और कम से कम 55% मार्कस होने चाहिए, तभि एग्जाम के लिए अप्लाई करने के योग्य होगे.
  • यूजीसी नेट एग्जाम को क्लियर करने के बाद आपको यूजीसी नेट सर्टिफिकेट मिलेगा जिसके बाद देश किसी भि कॉलेज और यूनिवर्सिटी मे असिस्टंट प्रोफेसर/लेक्चरर कि जॉब के लिए अप्लाई करसकते है.

State-Level Eligibility Test

  • SLET को भि शनल टेस्टिंग एजेंसी दुअरा हि आयोजित किया जाता है, इस एग्जाम को देने के बाद आप उसी स्टेट मे प्रोफेसर कि जॉब के लिए अप्लाई करसकते है जिस स्टेट का एग्जाम आपने दिया है.
  • एसएलइटी को क्लियर करने के बाद स्टेट के किसी भि कॉलेज और यूनिवर्सिटी मे असिस्टंट प्रोफेसर कि पोस्ट के लिए अप्लाई करसकते है.

Graduate Aptitude test in Engineering

  • गेट एक आल इंडिया कॉम्पेटेतिव एग्जाम है जिसे गेट कोम्मुनिटी दुअरा आयोजित किया जाता है.
  • गेट क्लियर करने के बाद पीएचडी कम्पलीट करसकते है फिर कुछ रिसर्च पेपर्स पब्लिश करने के बाद आईआईटीस (IITs) और एनआईटीस (NITs) मे भि प्रोफेसर/लेक्चरर कि पोस्ट के लिए अप्लाई करसकते है.

CSIR NET

  • सीएसआईआर नेट एक नेशनल लेवल एग्जाम है इसे भि ‘शनल टेस्टिंग एजेंसी’ दुअरा हि कंडक्ट किया जाता है.
  • ये एग्जाम साइंस फील्ड मे आयोजित होता है जैसे लाइफ साइंसेज, फिजिकल साइंसेज, मेथेमतिकल साइंसेज, केमिकल साइंसेज और एअर्थ साइंसेज.
  • कैंडिडेट इस एग्जाम को क्लियर करने के बाद JRF और LS के लिए भि अप्लाई करसकते है.

गवर्नमेंट प्रोफेसर कैसे बने?

गवर्नमेंट और प्राइवेट दोनों सेक्टर मे प्रोफेसर बनना का criteria एक जैसा हि है, अभ तक हमने जो भि प्रोसेस बताया है वो गवर्नमेंट और प्राइवेट दोनों सेक्टर के लिए अप्लाई होता है, अगर आप नेट एग्जाम मे अच्चा स्कोर करते है तो आपको अच्छे कॉलेज मे नौकरी मिलती है,

कुछ प्राइवेट कॉलेज मे अय्से असिस्टंट प्रोफेसर को जॉब मिलजाती है जिसमे जिन्होंने नेट एग्जाम नहीं दिया और पीएचडी भि नहीं कि, उन्हें जॉब इसलिए डी जाती कियोंकि नेट एग्जाम और पीएचडी प्रोफेसर को जियादा सैलरी दिनी पड़ती है, प्राइवेट कॉलेज मे पीएचडी नाभि होतो एक्सपीरियंस होना चाहिए, अभ आपको पता चल गया होगा कि गवर्नमेंट प्रोफेसर कैसे बने.

प्रकार?

भारत मे प्रोफेसर कैसे बने पूरी जानकारी (Assistant Professor kaise bane)

  1. Researcher : एक रिसर्चचेर कि जॉब चलेंजिंग होती है, रिसर्चचेर का काम होता है के रिसर्च करना, टेस्ट करना सर्वेस कंडक्ट करना, अपने अपनी फील्ड से जुड़े आर्टिकलस लिखना जिस एरिया मे एक्सपर्ट हो उसमे,
  2. एचओडी: एचओडी का काम होता है कि किसी यूनिवर्सिटी या हैयर इंस्टिट्यूट मे किसी एजुकेशनल डिपार्टमेंट को मैनेज करना और लीड करना,
  3. असिस्टंट प्रोफेसर: नाम सेहि पता चल गया होगा कि असिस्टंट प्रोफेसर को किसी सीनियर प्रोफेसर को असिस्ट करना होता है, सीनियर प्रोफेसर के अकादमिक एक्टिविटीज और स्टूडेंटस को दिए गये असाइनमेंट के सारे ट्रैक्स रखने होते है,
  4. एसोसिएट प्रोफेसर: एसोसिएट प्रोफेसर का काम ये होता है कि कांफ्रेंस अटेंड करना, रिसर्च कंडक्ट करना, पढ़ाना आदि.
  5. प्रोफेसर: पहले असिस्टंट प्रोफेसर बनते है फिर एसोसिएट प्रोफेसर बनते है फिर प्रमोशन होने पर प्रोफेसर बनते है, प्रोफेसर का ये काम होता है के यूनिवर्सिटी के स्टूडेंटस को किसी एक फील्ड के बारेमे पढ़ाना, प्रोफेसर अपने सब्जेक्ट का एक्सपर्ट होता है इसलिए वो रिसर्च और दीप स्टडी करता है.

प्रोफेसर बनने के बाद सैलरी?

प्रोफेसर के तीन स्टेज होते है पहला असिस्टंट प्रोफेसर फिर प्रमोशन के बाद एसोसिएट प्रोफेसर आखिर मे प्रोफेसर तीनों कि अलग अलग सैलरी होती है, एसोसिएट प्रोफेसर 16 हज़ार से 40 हज़ार प्रति महिना सैलरी मिलसकती है,

एक प्रोफेसर को 38 हज़ार से 68 हज़ार के बीच मे सैलरी प्रति महिना मिलसकती है, प्रोफेसर कि सैलरी उसके एक्सपीरियंस और जिस सेक्टर मे का कररहे है उसपर डिपेंड होती है, किस सेक्टर मे कितनी सैलरी मिलती है.

  • यूनिवर्सिटीज मे 3 लाख से 8 लाख प्रतिवर्ष सैलरी मिलती है,
  • टेक्निकल कॉलेजस मे 1.7 लाख से 6.2 लाख प्रतिवर्ष सैलरी मिलती है,
  • मैकेनिकल इंजीनियरिंग इंस्टिट्यूट मे 1.8 लाख से 6.2 प्रतिवर्ष सैलरी मिलती है,
  • जनरल एजुकेशन मे 2 लाख से 8 लाख प्रतिवर्ष सैलरी मिलती है,
  • बायोटेक्नोलॉजी इंस्टिट्यूट और रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट मे 1.9 लाख से 6.3 लाख प्रतिवर्ष सैलरी मिलती है.

ज़रूरी टिप्स?

प्रोफेसर कैसे बने (government professor kaise bane )

  • प्रोफेसर बनने के लिए जो फील्ड आप चूस करने वाले है उसमे आपका इंटरेस्ट होना चाहिए और उसमे बहुत सारि मेहनत करनी होगी,
  • मार्किट मे बहुत सारे कोचिंग इंस्टिट्यूट है जहा से आप प्रोफेसर बनने कि तय्यारी करसकते है और मार्किट मे पढ़ाने के लिए बहुत सारि किताबे भि मिलेंगी,
  • हर रोज़ पढ़ाई के लिए टाइम टेबल बनाकर उसे स्ट्रिक्टली फॉलो करे नेट परीक्षा के लिए इन्टरनेट पर विडियोस देखकर तय्यारी करसकते है,
  • यूजीसि (UGC) कि न्यू गाइडलाइन ये है कि जो भि कैंडिडेट यूनिवर्सिटी मे असिस्टंट प्रोफेसर बनना चाहते है तो उनके पास नेट/एसएलइटी जैसे एग्जाम क्लियर करने के अलावा पीएचडी भि होनी चाहिए,
  • जिनके पास पीएचडी डिग्री होगी उन्ही को प्रमोशन मिलेगा जैसे असिस्टंट प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर और फिर प्रोफेसर.
  • पोस्ट ग्रेजुएशन के वक़्त से हि नेट एग्जाम कि तय्यारी शुरू करे, एग्जाम मे दो पेपर होते है एक आपकी थिंकिंग एबिलिटी पर होता है और दूसरा आपके सब्जेक्ट पर होता है, दुसरे पेपर मे सब्जेक्ट कितना स्ट्रोंग है ये पता चलता है इसलिए अच्छे से मेहनत करना होगा.

ज़रूरी स्किल

प्रोफेसर बनने के लिए एलिगिबिलिटी तो देखली लेकिन प्रोफेसर मे ये कुछ ज़रूरी स्किल होनी चाहिए, इंटरव्यू के वक़्त प्रोफेसर मे इन स्किल को ढूंडा जाता है,

  • प्रोफेसर मे टीचिंग का पैशन होना चाहिए, अगर पढ़ाने मे इंटरेस्ट होगा तभि नये नये तकनीक के साथ पढ़ा सकेंगे.
  • टाइम मैनेजमेंट, टाइम को मैनेज करना स्टूडेंट अपने टीचर सेहि सीखते है इसलिए प्रोफेसर को टाइम मैनेज करने आना चाहिए.
  • नयी नयी चीज़ों को सीखने कि भूक होनी चाहिए, प्रोफेसर अपनी फील्ड का एक्सपर्ट होता है इसलिए वो अपनी फील्ड मे कुछ नया करसकता है.
  • Communication Skill.
  • किसी भि प्रॉब्लम को सोल्व करने कि क्षमता होनी चाहिए हर प्रॉब्लम को पॉजिटिव कॉन्फिडेंस के साथ सोल्व करने आना चाहिए.

प्रोफेसर के काम?

12वीं के बाद प्रोफेसर कैसे बने पूरी जानकारी

प्रोफेसर कि ज़िम्मेदारी सिर्फ क्लासरूम मेहि नहीं होती उसके बाहेर भि बहुत सारि ज़िम्मेदारियाँ होती है चलिए क्लासरूम और क्लासरूम के बाहेर कि ज़िम्मेदारियाँ को जानते है,

  • पब्लिक लेक्चर देना,
  • क्लासेज के लिए स्य्ल्लेबस, लेक्चर और लैब को प्रीपैर रखना,
  • क्लास असाइनमेंट को ग्रेड देना और स्टूडेंटस के एग्जाम तैयार करना फिर एग्जाम कंडक्ट करना और स्टूडेंट के मार्कस/स्कोर को कैलकुलेट करना,
  • स्टूडेंटस को क्लास के बाहेर भि advice देना,
  • पढ़ने के नये नये तरीके और तकनीक खोजना और स्टूडेंटस को सीखना,
  • ग्रेजुएटस को सुपरवाईस करना और उकी हेल्प करना रिसर्च करने मे,
  • पीएचडी के लिखित और oral एग्जाम के अंकों को चेक करना,
  • फंडिंग एजेंसीस को प्रपोसल्स लिखना,
  • एजुकेशनल ट्रिप्स करना और अलग अलग सेमिनार्स मे शामिल होना,
  • अपनी फील्ड के एजुकेशन मे डेवलपमेंट लाना यानि रिसर्च करना,
  • स्टूडेंट काउंसलिंग,
  • अकादमिक जर्नल पब्लिकेशन के लिए पेपर रेडी करना,
  • अलग अलग इंस्टिट्यूट मे प्रेसेंटेशन करना हाईयर स्टडीज के बारेमे मे,
  • क्लास के सारे स्टूडेंट के रिकॉर्डस रखना.

प्रमोशन

एक प्रोफेसर को प्रमोशन मिलने पर कौनसी पोस्ट मिलती है और आखिर मे प्रोफेसर को चंस्लोर कि पोस्ट मिलसक्ति है,

  1. प्रोफेसर
  2. सीनियर प्रोफेसर
  3. प्रोफेसर ऑफ़ एमिनेंस
  4. डायरेक्टर/डीन
  5. प्रो वाईस चंस्लोर
  6. वाईस चंस्लोर
  7. चंस्लोर

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  1. 1. क्या पीएचडी के बिना प्रोफेसर बना जासकता है?

    UGC कि न्यू गाइडलाइन है के बिना पीएचडी के यूनिवर्सिटी मे असिस्टंट प्रोफेसर नहीं बनसकते है, पीएचडी होने पर जियादा महेत्व मिलता है दुसरे कैंडिडेट के मुकाबले.

  2. 2. कौनसा नेट एग्जाम देना होगा साइंस स्ट्रीम स्टूडेंट को?

    जैसा कि हमने ऊपर बताया है के साइंस स्ट्रीम के लिए कैंडिडेट को CSIR नेट एग्जाम देना होता है, कॉमर्स और आर्ट्स के स्टूडेंट को हुमिनितीज़ एग्जाम देना होता है जिसे नेट एग्जाम कहते है.

3. क्या नेट एग्जाम को मास्टर डिग्री के फाइनल इयर के कैंडिडेट दे सकते है ?

मास्टर डिग्री के फाइनल इयर के कैंडिडेट नेट एग्जाम के लिए अप्लाई करसकते है.

4. कॉलेज प्रोफेसर बनने मे कितना वक़्त लगता है?

कॉलेज प्रोफेसर बनने मे 6-8 साल लगते है, ग्रेजुएशन के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन करना और एक्सपीरियंस हासिल करना इसके लिए वक़्त लगता है.

5. आईआईटी मे प्रोफेसर कैसे बने और सैलरी?

आईआईटी मे प्रोफेसर बनने के लिए कैंडिडेट के पास अपनी फील्ड मे दस साल का टीचिंग एक्सपीरियंस या रिसर्च एक्सपीरियंस होना चाहिए.

6. प्रोफेसर कहा-कहा काम करसकते है?

  • कॉलेज और यूनिवर्सिटीज
  • रिसर्च के लिए बने इंस्टिट्यूटस मे,
  • ऑनलाइन कोचिंग पोर्टल्स
  • गवर्नमेंट इंस्टिट्यूशन
  • प्राइवेट और कोचिंग इंस्टिट्यूशन

7. 12वीं के बाद Lecturer कैसे बने?

कैंडिडेट को 12वीं के बाद अपने इंटरेस्ट के सब्जेक्ट मे ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन कम्पलीट करना होगा आख़िर मे UGC नेट एग्जाम के लिए अप्लाई करे.

निष्कर्ष

आज हमने जाना कि Professor kaise bane, 12वीं के बाद प्रोफेसर कैसे बने, प्राइवेट और govt professor kaise bane, आशा है के आपको अपने सारे सवालों के जवाब मिलगये होंगे और भि कुछ पूछना होतो कमेंट ज़रूर करे और अपने फॅमिली और दोस्तों के साथ ये आर्टिकल शेयर करे ताके उन्हें भि तो पता चले के Assistant Professor kaise bane, हमारा ये आर्टिकल ‘प्रोफेसर कैसे बने’ यहीं समाप्त होता है।

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