भारत मे आज 18 कैरेट सोने का भाव क्या है?

क्या आपको पता है कि आज भारत में सोने का भाव कितना है, 18 कैरेट गोल्ड की कीमत कितनी है और 22 कैरेट सोने का भाव कितना है, नीचे हमने इसकी सही जानकारी दी है.

सोने का भाव इंडिया में इन्फ्लेशन की वजह से और दूसरे करण की वजह से ऊपर नीचे होते रहता है. इंडिया में सोने को सबसे ज्यादा आभूषण/ज्वेलरी के तौर पर खरीदा जाता है और इसके अलावा इसे कमोडिटी के तौर पर भी ट्रेड किया जाता है. 

अगर आप इस समय सोना खरीदना चाहते हैं तो सोने का भाव समझना आपके लिए बेहद जरूरी है. आपके लिए सोने की खरीदारी को आसान बनाने के लिए हमने यह आर्टिकल लिखा है. चलिए देखते हैं भारत में सोने का भाव क्या है, क्यों ऊपर नीचे होता है और यह कौन करता है.

18 कैरेट सोने का मतलब क्या होता है?

18 कैरेट सोने का मतलब होता है 75% सोना और 25% दूसरे मेटल मिले हुए होते हैं, यानी 18 कैरेट गोल्ड के हर 18 ग्राम्स में 13.5 ग्राम्स सोना होता है बाकी का 4.5 ग्राम्स दूसरे मेटल मिले हुए होते हैं. जैसे सिल्वर कॉपर और निक्कल. लोग अक्सर 18 कैरेट गोल्ड की ज्वेलरी ही लेना पसंद करते हैं क्योंकि यह ज्यादा दिनों तक टिकता है और अफोर्डेबल भी होता है. 

18, 22, 24 कैरेट सोने का भाव Today 11th January 2024

आज के समय में सोने की डिमांड बढ़ती जा रही है और इसलिए बहुत सारे इन्वेस्टर्स गोल्ड में इन्वेस्ट कर रहे हैं, इस आर्टिकल में हम आपको जो सोने का भाव बता रहे हैं वह हमारे रीडर के लिए सिर्फ जानकारी के मकसद से दिया जा रहीं है. यहां सोने के भाव को विश्वसनीय सूत्रों से यहां हर दिन अपडेट किया जाता है. 

हमारे देश में आज 18 कैरेट सोने का भाव 1 ग्राम के लिए ₹4,712 है, 22 कैरेट सोने का भाव एक ग्राम के लिए ₹5,760 है और 24 कैरेट सोने का प्राइस 1 ग्राम के लिए ₹6,283 है. 

नोट: ऊपर बताए गए सोने के भाव में जीएसटी और टीसीएस जैसे दूसरे शुल्क मिले हुए नहीं है,  सोने का सटीक रेट जाने के लिए लोकल ज्वेलर से कांटेक्ट करें, आपके लोकल एरिया मे सोने का रेट थोड़ा अलग हो सकता है.

आज 18 कैरट सोने का भाव

Gram18 कैरेट सोने का भाव Today
1 ग्राम (Gram)₹ 4,712
3 ग्राम ₹ 14,136
5 ग्राम ₹ 23,560
10 ग्राम ₹ 47,120
50 ग्राम ₹ 2,35,600
100 ग्राम ₹ 4,71,200

आजका 22 कैरट सोने का प्राइस

Gram22 कैरेट सोने का भाव today
1 ग्राम (Gram)₹ 5,760
3 ग्राम ₹ 17,280
5 ग्राम ₹ 28,800
10 ग्राम ₹ 57,600
50 ग्राम ₹ 2,88,000
100 ग्राम ₹ 5,76,000

आजका 24 कैरट सोने का प्राइस

Gram24 कैरेट सोने का भाव today
1 ग्राम (Gram)₹ 6,283
3 ग्राम ₹ 18,849
5 ग्राम ₹ 31,415
10 ग्राम ₹  62,830
50 ग्राम ₹ 3,14,150
100 ग्राम ₹ 6,28,300
गोल्ड प्राइस मार्केट के हिसाब से हमेशा बदलते रहता है, सटीक गोल्ड प्राइस जानने के लिए नजदीकी ज्वेलर शॉप से कांटेक्ट करें. 

18 कैरेट गोल्ड के लिए हॉलमार्क सिंबल क्या होता है?

18 कैरेट गोल्ड के लिए हॉलमार्क सिंबल क्या होता है

हॉलमार्क एक तरह का सिंबल है, जिससे हमें गोल्ड की प्योरिटी (Purity) पता चलती है, उदाहरण के लिए 18 कैरेट गोल्ड के लिए 750 नंबर होता है. मेटल को एग्जामिन करने के बाद हॉलमार्किंग प्रोसेस पूरा होता है. 750 हॉलमार्क का मतलब होता है कि आपकी ज्वेलरी 75% प्योर गोल्ड है और बाकी का परसेंटेज दूसरे मेटल है. 

क्या 18 कैरेट सोना और 750 सोना सेम है?

हां, 750 सोना यानी 18 कैरेट सोना. अलग अलग देश में गोल्ड को अलग-अलग तरीकों से मेजर किया जाता है, गोल्ड को मेजर करने के लिए इंडिया, यूनाइटेड स्टेट, यूके और कनाडा में अक्सर कैरेट्स (karats) का इस्तेमाल होता है. 18 कैरेट गोल्ड में 75% प्योर गोल्ड होता है और बाकी का 25% दूसरे मेटल होते हैं.

गोल्ड कैरट के मेजरमेंट सिस्टम में 1 से 24 कैरट तक गोल्ड की प्योरिटी को मेजर किया जाता है. यानी 24 कैरेट सोना है तो वह अपने पूरेस्ट फॉर्म में है यानि 99.9%. कुछ देश में फाइनेंस (fineness) सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है गोल्ड की प्योरिटी को मेजर करने के लिए.

भारत में किन चीजों से पड़ता है सोने के भाव पर असर?

भारत में किन चीजों से पड़ता है सोने के भाव पर असर

भारत में गोल्ड प्राइस पर असर करने वाले फैक्टर है:

डिमांड और सप्लाई

क्योंकि गोल्ड एक नेचुरल रिसोर्सेस में से एक है जिसे जमीन से माईनिंग करके निकाला जाता है इसलिए इसका प्राइस सप्लाई और डिमांड पर निर्भर है, यानी अगर गोल्ड की सप्लाई कम होती है तो इसका प्राइस बढ़ता है, और फेस्टिवल्स के टाइम पर डिमांड बढ़ती है, तो गोल्ड का प्राइस भी बढ़ता है और जब डिमांड कम हो जाती है तो सोने का भाव भी कम होता है.

इंपोर्ट रेट्स

पहले भारत में बहुत सारा सोना था लेकिन इस समय स्थिति कुछ और है. अब हमें सोने को दूसरे देशों से उसके नेचुरल फॉर्म में खरीदना पड़ता है यानि हमारे देश में इंपोर्ट करना पड़ता है. इसलिए हमारे देश में इंपोर्ट रेट का असर भी गोल्ड प्राइस पर पड़ता है. यानी अगर इंपोर्ट रेट्स ज्यादा होंगे तो गोल्ड प्राइस बढ़ सकता है और कम होंगे तो गोल्ड प्राइस कम हो सकता है.

यू एस डॉलर 

सोने को पूरी दुनिया में कमोडिटी के तौर पर खरीदा और बेचा जाता है, बहुत सारे देश और भारत भी सोने को यूनाइटेड स्टेट की करेंसी यानी डॉलर में खरीदता है. इसका मतलब है कि सोने पर डायरेक्ट या इनडायरेक्ट तरीके से डॉलर की वैल्यू का असर पड़ता है. डॉलर जितना मजबूत होगा इसका असर गोल्ड पर होगा, अगर डॉलर कमज़ोर होगा तो हमारा देश कम प्राइस में गोल्ड को खरीद पाएगा, इस तरह से डॉलर्स का असर सोने पर पड़ता है.

अंतरराष्ट्रीय रिश्ते 

जब कोई दो देशों के रिश्तो पर असर पड़ता है तो गोल्ड के इंपोर्ट और एक्सपोर्ट पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, इसकी वजह से डायरेक्ट असर सोने के भाव पर पड़ता है.

भारत का आभूषण बाजार

गोल्ड प्राइस समझने के लिए गोल्ड प्राइस और आभूषण बाजार (Jewellery Market) के रिश्ते को समझना भी जरूरी है. हमारे देश में सोना कल्चरल इवेंट का एक अहम हिस्सा है. ख़ास भारत में किसी फेस्टिवल सीजन या शादियों के समय में सोना ज्यादा खरीदा जाता है. 

यानी फेस्टिवल और शादियों के सीजन में गोल्ड की डिमांड बढ़ने पर इसका असर गोल्ड प्राइस पर पड़ता है. 2019 की रिपोर्ट के मुताबिक इंडिया के लोग 25000 टंस (tonnes) सोने के मालिक है, यानी दुनिया में सबसे ज्यादा सोना खरीदने वाले (Gold Collectors) हम भी है.

भारत में सोने का भाव कौन तय करता है?

भारत में सोने का भाव हर दिन क्या होगा यह तय करने में सबसे बड़ी भूमिका ‘द इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन’ (IBJA) निभाता है. इसमें देश के सबसे बड़े सोने के व्यापारी शामिल हैं. देश में बेचे जाने वाले सोने के एक बड़े हिस्से का हिसाब इनके द्वारा रखा जाता है, इसलिए देश मे सोने के भाव पर इनका असर पड़ता है.

18 कैरेट सोने में कौन से गुण होते है?

18 कैरेट सोने में कौन से गुण होते है

18 कैरेट सोने में बहुत सारे गुण/ प्रॉपर्टीज होते हैं जैसे:

टिकाव (Durability) – अगर 18 कैरेट गोल्ड को 24 कैरेट गोल्ड से कंपेयर करें तो यह सबसे मजबूत में से एक है, इसपर बेंडिंग और स्क्रैचिंग होना मुश्किल है. इसलिए 18 कैरेट गोल्ड को ज्वेलरी के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

सस्ता (Affordability) –  24 कैरेट गोल्ड और 22 कैरेट गोल्ड के मुकाबले 18 कैरेट गोल्ड का भाव कम होता है, इसकी वजह से ज्यादातर लोग 18 कैरेट गोल्ड को खरीदते हैं.

इससे त्वचा पर कोई एलर्जी नहीं होती जो लोग 18 कैरेट गोल्ड पहनते हैं उन्हें पता है कि इस गोल्ड में ‘हाइपो एलर्जिक’ प्रॉपर्टीज मौजूद है, यानी इसको पहनने पर हमारे त्वचा पर असर होने चांसेस बहुत कम है.

18 कैरेट सोना, 22 कैरेट सोना और 24 कैरेट सोने में अंतर?

18 कैरेट सोना, 22 कैरेट सोना और 24 कैरेट सोने में अंतर

18 कैरेट गोल्ड में 75% प्योर गोल्ड होता है और बाकी का 25% दूसरे मेटल होते हैं, जिस वजह से अफॉर्डेबिलिटी और ड्युरेबिलिटी में बैलेंस होता है और वजह से इसे आभूषण के लिए इस्तेमाल किया जाता है. 18 कैरेट गोल्ड से त्वचा पर असर नहीं होता है, इसलिए लोग अक्सर ज्वेलरी के तौर पर 18 कैरेट गोल्ड को  ही खरीदते हैं.

22 कैरेट गोल्ड में 91.67% प्योर गोल्ड होता है बाकी का 8.33% दूसरे मेटल मिले हुए होते हैं. इसकी हार्डनेस और ड्युरेबिलिटी की वजह से ज्वेलरी बनाने में इस्तेमाल किया जाता है. 24 कैरेट गोल्ड के मुकाबले 22 कैरेट गोल्ड का प्राइस कम होता है.

24 कैरेट गोल्ड का मतलब होता है जिसमें 99.9% गोल्ड है और 0.1% दूसरे मेटल मिले हुए हैं. इसकी सॉफ्टनेस और मल्लायबिलिटी (malleability) यानी बिना तोड़े इसे किसी भी अकार में किए जाने के गुण की वजह से, इसे अक्सर ज्वेलरी के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाता बल्कि कोइंस (coins) और बिस्कुट (Gold Bars) बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

सोने और ऍफ़डी में अंतर?

सोना और FD ‘फिक्स्ड डिपॉजिट’ दोनों पॉपुलर इन्वेस्टमेंट सिक्योरिटीज है, लेकिन दोनों की इन्वेस्टमेंट में बहुत अंतर है. फिक्स डिपॉजिट में आपको रिटर्न की गारंटी होती है और इसमें फिक्स्ड रिटर्न्स मिलते है. मार्केट के उतार-चढ़ाव और इकोनामिक कंडीशन पर इंटरेस्ट रेट डिपेंड है.

सोने का भाव हमेशा ऊपर नीचे होते रहता है क्योंकि इसका भाव हर दिन तय किया जाता है, इन्वेस्ट करने पर फिक्स्ड रिटर्न नहीं मिलते और रिटर्न मिलने की गारंटी नहीं होती. इकोनामिक कंडीशन, फेस्टिवल सीजन, इंपोर्ट एक्सपोर्ट, ज्वेलरी मार्केट आदि पर गोल्ड प्राइस डिपेंड है.

गोल्ड हॉलमार्क क्या है?

जब आप गोल्ड खरीदने जाते हैं तो हॉलमार्क चेक ज़रूर करें. हॉलमार्क की वजह से गोल्ड की क्रेडिबिलिटी सुरक्षित रहती है यानी गोल्ड की प्योरिटी और मैन्युफैक्चरर की जानकारी इस हॉलमार्क से पता चलती है. हम जो सोना/ज्वेलरी खरीदते हैं तो उस पर यह हॉलमार्क होता है. 

इंडिया में ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) हॉलमार्क सर्टिफिकेशन को रेगुलेट करता है. आज भारत में गहनों पर स्टांपिंग और लेजर इचिंग के जरिए हॉलमार्किंग होती है. इसमें गोल्ड की प्योरिटी, ज्वेलर की जानकारी और हॉलमार्किंग की तारीख होती है, इसलिए सोना खरीदने से पहले गहनों पर हॉलमार्क जरूर चेक करें. हमेशा भरोसेमंद सेलर से गोल्ड खरीदें और हर पोर्टेबल जेवेल्लेर हॉलमार्क वाले गोल्ड को ही बेचता है.

सोना खरीदने के लिए एक चेकलिस्‍ट?

सोना खरीदने के लिए एक चेकलिस्_ट

● अपनी लोकल ज्वेलरी मार्केट में आप एक से ज्यादा दुकानों में जाकर सोने की सटीक कीमत का पता लगा सकते हैं.

● ज्वेलरी मेकिंग चार्ज भी लगता है इसके बारे में आप पहले ही पूछ ले. 

● गोल्ड खरीदने से पहले उसकी प्योरिटी के बारे में जाने, यानी गोल्ड कितने कैरेट का है. 14 कैरेट गोल्ड का मतलब है 58.33% गोल्ड है बाकी दूसरे मेटल्स होते है, 18 कैरेट गोल्ड यानी 75% प्योर गोल्ड, 22 कैरेट गोल्ड यानी 92% और 24 कैरेट गोल्ड यानी 99.9% प्योर गोल्ड. 

● खरीदते समय हॉलमार्क जरूर चेक करें, बिना हॉलमार्क के गोल्ड बिल्कुल ना खरीदे, आज के समय में लगभग सभी प्रतिष्ठ दुकानों में हॉलमार्क के साथ ज्वेलरी बेचीं जाती हैं.

सोना खरीदते समय इन सावधानियां का ध्यान रखें? 

सोना खरीदते समय इन सावधानियां का ध्यान रखें 

● गोल्ड प्योरिटी: जब कभी भी गोल्ड खरीदें उसकी प्योरिटी बहुत जरूरी होती है, यानी गोल्ड कितने कैरेट का चाहिए ये तय करें. 24 कैरेट गोल्ड सबसे पुरेस्ट (purest) होता है और सबसे महंगा भी. 18 कैरेट गोल्ड में 75% असली सोना होता है, इसको अक्सर लोग खरीदते हैं क्योंकि इसकी कीमत 24 और 22 कैरेट गोल्ड से कम होती है. गोल्ड को हमेशा भरोसेमंद और रेपुटेबल ज्वेलर से खरीदें.

● वेट और प्राइस: गोल्ड को ग्राम्स (grams) और तोला में वजन किया जाता है, गोल्ड का प्राइस उसके वेट पर डिपेंड होता है. जब आप ज्वैलरी या गोल्ड कॉइन खरीदते है तो आपको इसका वजन जरूर चेक करना चाहिए और करंट मार्केट रेट के हिसाब से प्राइस कैलकुलेट करना चाहिए. अक्सर ज्वैलर्स मेकिंग चार्ज और वेस्टेज चार्ज लेते हैं. यह पूरी तरीके से गोल्ड के डिजाइन पर डिपेंड है. इन चार्जेज को समझकर आप नेगोशिएट कर सकते हैं ताकि वैल्यू से ज्यादा पे नाहो.

● बजट: जब भी आप गोल्ड खरीदने जाएं तो पहले अपना बजट तय करें और इस पर टिके रहे. दुकान में जाकर महंगे ज्वेलरी देखकर या सेलर की बातों से आप जितना प्लान कर चुके हैं उससे ज्यादा पैसे खर्च करेंगे. अपने फाइनेंशियल स्थिति के हिसाब से बजट तय करें और इस पर टिके रहे. कर्ज लेकर या फिर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके गोल्ड को बिल्कुल ना खरीदे वरना आपका फालतू का टेंशन बढ़ जाएगा. 

● मकसद: आप गोल्ड क्यों खरीद रहे हैं इस पर गौर करें, गोल्ड आप इन्वेस्टमेंट के लिए खरीद रहे हैं या निजी इस्तेमाल के लिए? अगर आप निजी इस्तेमाल के लिए गोल्ड खरीद रहे हैं तो अपनी पसंद का डिजाइन और स्टाइल चुने, इसमें अलग से मेकिंग चार्जेस लगेंगे, और इसे वापस बेचते समय सेम प्राइस में नहीं बिकेगा. वहीं पर अगर आप इन्वेस्टमेंट के लिए गोल्ड खरीदना चाहते हैं तो आपको कोइंस या गोल्ड बर्स को खरीदना चाहिए क्योंकि इनको बेचना और एक्सचेंज करना आसान होता है.

●  सर्टिफिकेशन: सोना खरीदते समय सर्टिफिकेशन या ऑथेंटिसिटी मार्क्स को देखें, अगर आप किसी भरोसेमंद या रेपुटेबल ज्वेलर्स से सोना खरीदते हैं तो वह सर्टिफिकेट देते हैं, जिससे सोने की प्योरिटी और वजन की पुष्टि होती है. ये चीज़े भविष्य में बेचने या एक्सचेंज करने के लिए काम आता है.

● रिटर्न/एक्सचेंज पॉलिसी: जहां से आप सोना खरीद रहे हैं, उस ज्वैलर की ‘रिटर्न और एक्सचेंज पॉलिसी’ के बारे में जानकारी हासिल करें. अगर आपके सोने में कोई डिफेक्ट हो या किसी दूसरे कारण की वजह से आप सोने को वापस या एक्सचेंज करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको उनकी पॉलिसी की जानकारी होनी चाहिए. उनके टर्म्स एंड कंडीशंस को ध्यान से पढ़ें और सोना खरीदने से जुड़े सारे डॉक्यूमेंट को सुरक्षित रखें ताकि भविष्य में काम आए.

● गोल्ड की स्टोरेज और हिफाजत: गोल्ड खरीदने से पहले उसे सुरक्षित कहां रखने वाले हैं ये तय करें. सोना एक कीमती एसेट है जो चोरी या डैमेज हो सकता है, इसलिए इसे सुरक्षित रखना जरूरी है. इसे घर के सुरक्षित लॉकर में रखें या फिर बैंक में सुरक्षित रख सकते हैं.

● मेकिंग चार्ज लगते हैं: आपकी ज्वेलरी मैन-मेड है या मशीन के द्वारा बनाई गई है इसकी जानकारी ज्वेलर से पूछें. मशीन के द्वारा बहुत सारे आभूषण एक साथ बनाए जाते हैं जिसकी वजह से मेकिंग चार्जेस मैन-मेड के मुकाबले कम होते हैं, अगर मैन-मेड है तो मेकिंग चार्जेज जियादा होते है. इसलिए आप अपने सेलर से इसकी बात करें.

● सही समय पर सोना खरीदें: जैसे कि आपको पता है की फेस्टिवल सीजन में सोने का भाव बढ़ता है. गोल्ड सीजन खत्म होने के बाद खरीदना सही रहता है, सीजन खत्म होने पर सोने का भाव कम होता है और डिस्काउंट भी होते हैं.

● पुराने ज्वेलरी से एक्सचेंज करना: कई ज्वेलर्स ऑप्शन देते हैं कि आप पुराने ज्वेलरी को एक्सचेंज करके नई ज्वेलरी खरीद सकते हैं. सोने का डिजाइन और ट्रेंड्स बदलता है लेकिन सोने की वैल्यू सेम रहती है, अगर आप अपने पुराने ज्वेलरी से बोर हो चुके हैं तो एक्सचेंज में नई ज्वेलरी को खरीद सकते हैं. 

● वेस्टेज चार्ज: आभूषण बनाने के लिए सोने को मेल्ट और कट करना होता है. कस्टम डिजाइन को बनाने के लिए और सोने को सही शेप देने के लिए गोल्ड वेस्टेज भी होता है. यह वेस्टेज चार्ज आपके टोटल कॉस्ट में ऐड किया जता हैं, हालांकि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल से वेस्टेज बहुत हद तक कम होता है, लेकिन आपको अपने ज्वेलर्स से इसके बारेमे बात करनी चाचिए.

● गोल्ड स्कीम: कस्टमर आसानी से और सस्ते में आभूषण खरीदे इसलिए ज्वेलर्स गोल्ड स्कीम्स ऑफर करते हैं. गोल्ड स्कीम के बारे में आपको अपने ज्वेलर्स से पता कर सकते है. ज्यादातर स्कीम्स में आसान इंस्टॉलमेंट में पेमेंट करने का ऑफर किया जाता है फिक्स्ड समय तक. यानी तय किए गए समय तक इंस्टॉलमेंट में पेमेंट की जा सकती है और समय होने के बाद उन पैसों से आप गोल्ड खरीद सकते हैं. कुछ स्कीम्स में मेकिंग चार्ज पर डिस्काउंट मिलता हैं, कुछ ज्वेलर्स आखिरी के इंस्टॉलमेंट को माफ कर देते हैं. गोल्ड स्कीमस के जरिए आप आसानी से और सिस्टमैटिक तरीके से गोल्ड खरीद सकते हैं.

FAQ

18 कैरेट सोना कितने का है?

भारत में आज 18 कैरेट सोने की कीमत है ₹ 4,721 है.

18 कैरेट का सोना 10 ग्राम कितने का है?

18 कैरेट गोल्ड 10 ग्राम के लिए ₹ 47,210 लगते हैं.

क्या 18 कैरेट गोल्ड 916 गोल्ड जैसा है?

नहीं, 18 कैरेट गोल्ड और 916 गोल्ड एक जैसा नहीं है. 916 गोल्ड यानि 22 कैरेट के बराबर होता है, क्योंकि 22 कैरेट गोल्ड में 91.6% प्योर गोल्ड होता है.

क्या 18 कैरेट सोना खरीदना चाहिए?

18 कैरेट सोना खरीदना चाहिए या नहीं यह आपकी पसंद पर निर्भर है. 18 कैरेट गोल्ड में 75% प्योर गोल्ड होता है और बाकी के दूसरे मेटल मिले हुए होते हैं, जिसकी वजह से प्योरिटी और ड्युरेबिलिटी का अच्छा बैलेंस बनता है और ज्वेलरी बनाने के लिए बहुत सारे लोग 18 कैरेट गोल्ड का चुनाव करते हैं.

क्या भारत में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के भाव अलग होते हैं?

हां, 24 कैरेट सोना और 22 कैरेट सोने में फर्क उसकी प्योरिटी का होता है, 22 कैरेट के गोल्ड में 91% प्योर गोल्ड होता है और 24 कैरेट गोल्ड में 99.9% प्योर गोल्ड होता है. 24 कैरेट गोल्ड बहुत सॉफ्ट होता है इसलिए इसमें जिंक जैसे मेटल मिलाए जाते हैं मजबूती के लिए. 22 कैरेट गोल्ड का प्राइस में कम होता है 24 कैरेट गोल्ड के प्राइस से.

गोल्ड में हॉलमार्क क्या होता है?

हॉलमार्क एक तरह से गोल्ड की प्योरिटी का सर्टिफिकेट होता है. हॉलमार्क के ज़रिये प्यूरिटी और मैन्युफैक्चरर की जनकारी मिलती है. हमारे देश में इसे BIS (ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड) के द्वारा प्रोसेस किया जाता है, इसलिए एडवाइस की जाती हैकी आपको BIS हॉलमार्क चाहिए ज्वेलरी खरीदनी चाहिए. 

क्या भारत में सोना खरीदने पर टैक्स लगता है?

गोल्ड खरीदने पर अलग-अलग टैक्स और ड्यूटीज लगते हैं. भारत में सोना/आभूषण खरीदने पर 3% टैक्स गोल्ड की वैल्यू पर लगाते हैं और मेकिंग फीस 5% साथ में लगते हैं.

भारत में सोने का भाव इतना ऊपर-नीचे क्यों होता है?

भारत में सोने का भाव कम ज्यादा होने के बहुत सारे कारण है, जैसे राज्यों के द्वारा लगाए गए टैक्स, गोल्ड की डिमांड और सप्लाई, ज्वेलरी मार्केट स्तिथि, इंपोर्ट एक्सपोर्ट फीस, आदि.

अपने सोने के ज्वेलरी को सुरक्षित कैसे रखें?

आज के समय में ज्वेलरी रखने के लिए बैंक लॉकर्स सुरक्षित जगह प्रदान करते हैं, अपने कीमती चीजों को रखने के लिए अगर आपके पास सेफ लॉकर नहीं है तो आप बैंक लॉकर्स के अलावा प्राइवेट एजेंसी के हाईटेक लॉकर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं.

क्या अपना सारा सोना घर में रखना चाहिए?

ऐसे बहुत सारे केसेस हैं जिसमें चोरों ने घर में घुसकर लॉकर्स को तोड़कर छेद करके सोना चोरी किया है. हालांकि इसके चांसेस बहुत कम है लेकिन चांसेस है. अपने घर में सोना रखते हैं तो अपने घर की सुरक्षा बढ़ानी पड़ेगी या फिर आप बैंक लॉकर्स का इस्तेमाल करें.

क्या 18 कैरेट सोने का कलर जाता है? 

18 करेक्ट सोने का कलर या चमक कम नहीं होती है, लेकिन समय बीतने पर गंदगी और मेल से चमक कम हो सकती है. 18 कैरेट गोल्ड में दूसरे मिले हुए मेटल समय के साथ निकल जाते हैं जिसकी वजह से सोना डार्क और कलर में पीला दिखाई देता है.

डिस्क्लेमर: आर्टिकल में दी गई जानकारी की सटीकता की गारंटी PerfectAlex वेबसाइट नहीं लेती है, यह जानकारी मार्केट वैल्यू और दूसरे वजहों से बदलते रहती है. आपको यह एडवाइस दी जाती है कि आप अपनी रिसर्च करें या इन्वेस्टमेंट के लिए प्रोफेशनल एडवाइजर से जानकारी ले. आपके किसी भी तरह के नुकसान के जिम्मेदार आप खुद हैं, सटीक गोल्ड प्राइस जानने के लिए नजदीकी ज्वेलर शॉप से कांटेक्ट कर सकते है. 

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